Kernel, Baseband Version, Android Security Patch Level क्या है ?

दोस्तो जब भी आप अपने स्मार्टफोन में Settings > About Phone > Software Info में जाते है तो आप को कई तरह के ऑप्शन नजर आते है जैसे कि Kernel, Baseband Version, Android Security Patch Level वगेरे…. पर जब आप उसपे टच करते है तो वहां से कुछ ओपन नही होता है। तो सवाल ये पैदा होता है कि इन सब का हमारे फ़ोन में काम क्या है। और ये सब हमारे फ़ोन में क्यों है।

आज में आपको इसीके है बारे मे बताऊंगा की Kernel क्या है ? Baseband Version क्या है ? Android Security Patch Level क्या है ? और इन सबका हमारे फ़ोन में काम क्या है, तो सुरु से लेके अंत तक इस आर्टिकल को पढिये ताकि सही से इसके बारे में समाज सके। और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये ताकि उनको भी पता चले।

What Is Kernel In Hindi ( Kernel Kya Hai )

Kernel In Hindi
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दोस्तो आपने अपने फ़ोन में सॉफ्टवेयर इन्फो में देखा होगा वहां पे  kernel version का नाम लिखा होगा, इसे कब अपडेट किया गया है ये सब लिखा होगा। ये android तक ही सीमित नही है, ये अगर हम बात करते है iPhone की अगर हम बात करते है windows phone की अगर हम बात करते है symbion phone की अगर हम बात करते है blackbarry की किसी भी फ़ोन में आप एक OS रन करते है hardware के पर तो वहां पे एक kernel जरूरी होता है।

तो ऐशे में सबसे पहले जानना जरूरी होता है कि kernel होता क्या है? वो काम क्या करता है? kernal की जरूरत हमको क्यों पड़ती है?

kernel  एक मूल रूप से सॉफ्टवेयर है जो आपके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच मे एक ब्रिज की तरह काम करता है। आपके सॉफ्टवेयर को जो जो हार्डवेयर की requirement होती है वो kernel की थ्रू वो रिक्वेस्ट करते है kernel को। और kernel बाद में उनकी request को पूरी करते हुए जो भी requirement है वो प्रोवाइड करता रहता है। अगर किसी एप को बैकग्राउंड में रन होना है या फिर मेमोरी की जरूरत है, जो भी जरूरत है वो kernel पूरी करता है।

Kernel का क्या काम है

दोस्तो आप अगर आपके स्मार्टफोन में देखेंगे तो, वहां पे बहोत सारे hardware तरह तरह के आपको देखने को मिलेंगे जैसे कि रेम है, प्रॉसेसर है, कैमरा है, डिस्प्ले है, स्टोरेज है, वाइब्रेटिंग मोटर है, स्पीकर है, हैडफ़ोन जैक है, वगेरे वगेरे। यानी कि बहोत सारे तरह तरह के हार्डवेयर कंपोनेंट आपके फोन में मिल जाते है, तो ऐशे में दोस्तो हमे एक सेटअप चाहिए कि वो हार्डवेयर रिसोर्सेस को सही से इस्तेमाल कर सके और आपके जो भी सॉफ्टवेयर है उन तक उसको पहोंचा सके।

Example

example के तौर पे आज अगर मेरे पास एक कैमरा एप्पलीकेशन है जो मैंने फ़ोन में इनस्टॉल की है। जैसे ही में कैमरा एप्पलीकेशन खोलूंगा तो वो चाहेगी को वो मेरे कैमरा को एक्सेस कर सकती है सबसे पहली बात। तो ऐसे में उस एप्पलीकेशन को कैमरा हार्डवेयर की एक्सेस देने के लिए मेरे पास में एक ऑथोरिटी होनी चाहिए जो उनको परमिशन दे सके।

ऐसे में अगर हम बात करते है कैमरा से फ़ोटो क्लिक करने की तो उसको ये भी परमिशन चाहिए होगी के वो फ़ोन की फ़्लैश लाइट को भी यूज़ कर सके तो उसके लिए उनको परमिशन देनी पड़ेगी। उसके अलावा जब वो फ़ोटो क्लिक हो जाएगी तो एप को ये भी परमिशन चाहिए होगी कि वो मेमोरी में आपकी फ़ोटो को सेव कर सके। तो ऐशे में ये सारी परमिशन है ये काँटोरलिंग ऑथोरिटी है उनको हम कहते है kernel. What Is Baseband Version In Hindi

What Is Baseband Version In Hindi ( Baseband Version Kya Hai )

Baseband Version
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दोस्तो दूसरे नंबर पे आपने अपने Android Phone में देखा होगा की baseband version. baseband version क्या है? base band version की गिनती नाही software के तौर पे की जाती है और नाही hardware के तौर पे यह एक firmware है जो आपके smart phone के network system को चलाने में आपकी मदद करता है। चाहे आप कोई भी phone का उपयोग करते है iphone android या फिर simple button वाला फ़ोन सभी phone में base band version होता ही है। एक तरह का firmware है ये base band. ये ऑपरेटिंग सिस्टम से बिल्कुल अलग होते है। ये फंक्शन सर्टिफाइड होता है।

Baseband Version का क्या काम है

base band version का हमारे फ़ोन में काम क्या है। base band version एक तरह का firmware होता है, जो कंट्रोल करता है, आपके रेडियोएक्टिव डिवाइस को जैसे कि, आपके फ़ोन का wifi , mobile data, bluetooth, hot spot, voice calling, video calling जितनी भी आपके नेटवर्क से रिलेटेड चीज़े है उन सभी चीज़ों को base band version कंट्रोल करता है।

मतलब जितने भी आपके नेटवर्क के काम होते है जैसे कि किसी को call करना, किसी को bluetooth के जरिये file भेजना, video calling करना, hot spot से किसी को internet का कनेक्शन देना, अपने smart phone में internet चलना वो सब कार्य base band के जरिये होते है।

उम्मीद है कि आपको base band के बारे में अच्छे से समज में आ गया होगा कि ये हमारे फ़ोन में इसका क्या काम है। अब android security patch level के बारे में भी जान लेते है।

What Is Android Security Patch Level In Hindi (Patch Level क्या है ? )

तीसरे नंबर पे आपने देखा होगा android security patch level तो दोस्तो अब सवाल ये है कि क्या है ये और कैसे काम करता है। andoid security patch level का काम है कि आप के फ़ोन को हैकर्स से बचाना। दोस्तो अगर में आपके फ़ोन की ऑपरेटिंग सिस्टम की बात करु तो आपके पास android 5.0 या 6.0 या फिर 7.0 जो भी है तो उस सारे ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ न कुछ vulnerability होता है तो हैकर्स उन vulnerability का यूज़ करके आपके फ़ोन में वायरस घुसा सकता है।

दोस्तो आप यहां पे क्या करते हो कि आप किसी भी जगह पे जा के wifi कनेक्ट कर लेते हो कोई unsafe एरिया से या फिर आप थर्ड पार्टी ब्लूटूथ जो कि आपको पता भी नही है कि वो ब्लूटूथ किसका है और आप उसे यूज़ कर लेते हो। तो ऐसा करने से आपके मोबाइल में वायरस भी आ सकता है। तो ये वायरस से बचाने का काम ही android security patch level का ही काम है। वो अपडेट से आपके मोबाइल के ऊपर एक ऐसा लेयर बना देता है ताकि कोई भी वायरस है वो अटैक न कर पाए।

कुल मिलाके Android Security Patch Level का काम है कि आपके android phone को hackers से सुरक्षित रखे। और ये बार बार automatically update होता रहता है इसको update करने की जरूरत नही होती है।

Conclusion

उम्मीद है कि आपको अच्छे से kernel, baseband, और android security patch के बारे में पता चल गया होगा। अगर कोई प्रश्न है तो हमे कमेंट सेक्शन में कमेंट कर बताइये ताकि हम उसका उत्तर दे सकें। आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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मेरा नाम Dilip Varu है , और में Professionally Blogger और Digital Marketer हूँ। इस Blog की मदद से Visitors को सही जानकारी देने की कोशिश करता हूँ।

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